एक तरैया तो तो तो,
वा के गांव बसै को को
बस गये तीतर बस गये मोर,
सड़ी डुकरियन लै गये चोर
चोरन के घर खेती हुई,
खाय डुकरिया मोटी भई
मन मन पीसै मन मन खाय,
बड़े मल्ल से जूझन जाए
बड़े मल्ल की पैनी छुरी,
वा से गये मैनपुरी ....हा हा हा
~ My BABA
No comments:
Post a Comment